Part 1 : बच्चों के लिए लघु कहानियां, जिससे बच्चों में होगा नैतिक मूल्यों का विकास
Part 1 : बच्चों के लिए लघु कहानियां, जिससे बच्चों में होगा नैतिक मूल्यों का विकास
1. आईना झूठ नहीं बोलता
एक छोटी सी लड़की थी, उसका नाम था परी, वो बात-बात पर गुस्सा होती थी। उसकी मां उसे हमेशा समझाती रहती कि 'परी बेटा, इतना गुस्सा करना अच्छी बात नहीं है, लेकिन फिर भी उसके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया। एक दिन परी अपना होमवर्क करने में व्यस्त थी। उसकी टेबल पर एक सुंदर-सा फूलों से सजा पॉट रखा था। तभी उसके छोटे भाई का हाथ उस पॉट से टकराया और गिरने पर उसके कई टुकड़े हो गए।
अब क्या, परी गुस्से से बौखला उठी। तभी वहां उसकी मां ने एक आईना लाकर उसके सामने रख दिया। अब गुस्से से भरी परी ने अपनी शक्ल आईने में देखी, जो कि गुस्से में बहुत ही बुरी लग रही थी। अपना ऐसा बिगड़ा चेहरा देखते ही परी का गुस्सा छू-मंतर हो गया। तब उसकी मां ने कहा, देखा परी! गुस्से में तुम्हारी शक्ल आईने में कितनी बुरी लगती है, क्योंकि आईना कभी झूठ नहीं बोलता। अब परी को पता चल गया था कि गुस्सा करना कितना बुरा होता है। तभी से उसने गुस्सा न करने का एक वादा अपने आप से किया।
2. ऐसे मिला छिपा खजाना
एक बार एक बूढ़ा व्यक्ति मृत्यु के कगार पर था। उनके पुत्र बहुत आलसी थे। बूढ़े ने सोचा मेरे मृत्यु के बाद उनका क्या होगा? उसने सभी को पुत्रों को बुलाया और कहा, मैंने मैदान में एक बड़ा खजाना गाड़ दिया है। कुछ दिनों बाद बूढ़े व्यक्ति की मृत्यु हो गई। तब उनके पुत्रों ने खेत में खजाने की बहुत खोज की, लेकिन असफल रहे। तब गांव के एक बूढ़े आदमी द्वारा उन्हें खेत में बीज बोने की सलाह देने पर उन्होंने कुछ बीज बोए। कुछ समय के पश्चात उन्हें गेहूं की बंपर फसल मिली। उन्हें यह सोने की तरह लग रहा था। यही बूढ़े आदमी का छिपा हुआ खजाना
3. कछुआ जीता, खरगोश हारा
पुराने समय की बात है। एक खरगोश और एक कछुआ का सामना हुआ। दोनों ने दौड़ लगाने का फैसला किया। खरगोश बहुत तेज था, वह बहुत तेजी से भागा जा रहा था और कछुआ काफी पीछे था। खरगोश ने कछुए को अपने काफी पीछे देखा तो सोचा कि क्यों न एक झपकी ले ली जाए। खरगोश एक पेड़ के नीचे सो गया। इस बीच, कछुआ वहां पहुंचा जहां खरगोश सो रहा था। खरगोश को सोता छोड़ कछुआ आगे निकल गया और विजय पद पर पहुंच गया। खरगोश जागा तो बहुत दुखी हुआ, पर कुछ कर न सका।
4. चूहे ने की शेर की मदद
एक बार एक शेर पेड़ के नीचे सो रहा था। अचानक पेड़ के बिल से एक चूहा बाहर आया और शेर के शरीर पर कूद गया। शेर ने उसे कसकर पकड़ लिया, लेकिन कुछ सोच कर उसे अपनी कैद से मुक्त कर दिया। चूहा शेर को धन्यवाद देते हुए कहा कि एक दिन वह शेर की मदद करेगा। कुछ दिनों बाद शेर एक शिकारी के जाल में फंस गया। वह दहाड़ा। शेर की आवाज सुनकर चूहा वहां आया और उसने जाल को काट कर शेर को जाल से मुक्त कर दिया। शेर ने चूहे का शुक्रिया अदा किया।

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